
जयकारों से गूंजा सांवरिया धाम, चांदी के भव्य रथ में विराजे सांवलिया सेठ, राम रेवाड़ी में उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब
सांवरिया सरोवर की ओर बढ़ी राम रेवाड़ी, जगह-जगह पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत
चित्तौड़गढ़, 22 सितंबर। सांवलियाजी की पावन धरा मंगलवार को भक्ति, आस्था और उल्लास के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। भगवान सांवलिया सेठ के वार्षिक जलझूलनी एकादशी मेले के अवसर पर निकली भव्य राम रेवाड़ी में श्रद्धालुओं का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि सांवलियाजी धाम का पूरा वातावरण ‘जय सांवलिया सेठ’ के जयकारों से गूंज उठा। चांदी के भव्य रथ में विराजित सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े और जगह-जगह भक्तों ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।

राम रेवाड़ी के नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धा का ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सांवलियाजी को एक बार फिर आस्था के विराट केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया। हजारों श्रद्धालु हाथों में ध्वज, पुष्प और पूजा सामग्री लिए भगवान के दर्शन एवं स्वागत के लिए मार्गों पर कतारबद्ध दिखाई दिए। रेवाड़ी के आगे-आगे श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, वहीं पीछे भक्तों का विशाल समूह भगवान के दर्शन के लिए उमड़ता रहा।
चांदी के रथ में विराजे सांवलिया सेठ, दर्शन को आतुर दिखे श्रद्धालु
राम रेवाड़ी में भगवान सांवलिया सेठ को आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाए गए चांदी के रथ में विराजित किया गया। जैसे ही रेवाड़ी प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं में दर्शन के लिए उत्साह देखते ही बना। जगह-जगह लोगों ने रेवाड़ी का स्वागत किया और भगवान पर पुष्पवर्षा कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
पूरे मार्ग में ‘जय सांवलिया सेठ’, ‘सांवरिया सेठ की जय’ के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
हर मार्ग पर श्रद्धा का सैलाब, पुष्पवर्षा से हुआ अभिनंदन
राम रेवाड़ी के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं। रेवाड़ी के पहुंचते ही लोगों ने पुष्पवर्षा कर भगवान सांवलिया सेठ का अभिनंदन किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और भक्ति भाव के साथ भगवान के दर्शन किए।
रेवाड़ी के मार्ग में भक्ति गीतों, जयकारों और पुष्पवर्षा से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सांवलियाजी बनी आस्था की नगरी
जलझूलनी एकादशी के अवसर पर सांवलियाजी में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण पूरा सांवलियाजी क्षेत्र आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन एवं मंदिर मंडल की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हो रहा है।
भक्ति, उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम
जलझूलनी एकादशी का यह आयोजन सांवलियाजी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है। राम रेवाड़ी में उमड़ा जनसैलाब भगवान सांवलिया सेठ के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता नजर आया।
सांवलियाजी की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक एक ही स्वर सुनाई देता रहा—’जय सांवलिया सेठ’
इस अवसर पर मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश धाकड़, मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




